गोपेश्वर (चमोली)। जिला पंचायत सदस्यों ने पंचायतों को अधिकार संपन्न बनाए जाने के लिए सरकार से ठोस निर्णय लिए जाने की मांग को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेज है। ज्ञापन के माध्यम से एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पंचायत प्रतिनिधियों ने राज्य में जिला योजना समिति के चुनाव शीघ्र कराने की मांग उठाई है। वर्ष 2026-27 में जिला नियोजन समिति से पारित प्रस्तावों को जिला योजना समिति गठित होने के बाद पुनरीक्षित करने की बात कही गई है। सदस्यों ने पंचायतों में आरक्षण परिवर्तन की अवधि पांच वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष करने, 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायतों को 29 विषय हस्तांतरित करने तथा पंचायत कल्याण कोष की स्थापना की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि किसी जिला पंचायत सदस्य के साथ अप्रिय घटना होने पर उसके परिवार को 10 लाख रुपये सहायता राशि देने का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके अलावा जिला योजना में कोटेशन के माध्यम से होने वाले कार्यों की सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने तथा विधायक निधि की तर्ज पर प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग निधि का प्रावधान करने की मांग भी रखी गई है।
जिला पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने और न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश पंवार, विपिन फरस्वाण, सुरेश बिष्ट, दिव्या भारती, सरोजनी रावत, कामेश्वरी देवी, विशम्बरी देवी, विक्रम कठैत आदि मौजूद रहे।

