- नारायणबगड़ समेत पांच विद्यालयों का निरीक्षण,
- लापरवाही और अनावश्यक अनुपस्थिति पर कार्रवाई की चेतावनी
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने गुरुवार को नारायणबगड़ क्षेत्र के पांच विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति की स्थिति देखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में लापरवाही, अनावश्यक अनुपस्थिति और दायित्वों के निर्वहन में कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीईओ ने राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़, प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, कोटी चांदपुर, जयपुर कोलसों और प्राथमिक विद्यालय कोटी का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर के आधार पर दक्षता आधारित शिक्षण और कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित किया जाए।
सीईओ ने सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा परिणामों का विद्यालय स्तर पर विश्लेषण कर कमजोर दक्षताओं वाले बच्चों के लिए सुधार की ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने और शिक्षण को गतिविधि आधारित व बाल-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में सुधार और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी नारायणबगड़ अनिनाथ और मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रधान सहायक राहुल तिवारी मौजूद रहे।
