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गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड की सरकारी जमीन के इस्तेमाल को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को उक्रांद कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित के नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उक्रांद ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर की करीब सात हजार बीघा सरकारी जमीन को बोर्ड के माध्यम से मनमाने तरीके से बेचने या इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है। पार्टी ने सरकार से जमीनों की स्थिति और प्रस्तावित उपयोग को सार्वजनिक करने की मांग की।

केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों की सरकारी भूमि का उपयोग मल्टीलेवल पार्किंग, बस-टैक्सी स्टैंड और बाजार विकसित करने में किया जा सकता है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में सामुदायिक बागवानी, स्थानीय उत्पादों के हाट-बाजार, कोल्ड स्टोरेज, हस्तशिल्प केंद्र और होम-स्टे विकसित कर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।

राज्य आंदोलनकारी कमल किशोर डिमरी ने कहा कि सरकारी भूमि का इस्तेमाल इस तरह होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और पलायन पर रोक लगे। उन्होंने सरकारी भवनों और भूमि को स्थानीय व्यापारियों व लोगों को उपलब्ध कराने की मांग की।

जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द यूआईआईडीबी को भंग कर सरकारी जमीनों को स्थानीय लोगों के व्यवसाय के लिए उपलब्ध नहीं कराया तो उक्रांद प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगा। ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट, धर्मेंद्र फरस्वाण, विपिन फरस्वाण आदि मौजूद रहे।

 

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By admin

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