गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला प्रधान संगठन ने दस सूत्रीय मांगों के निस्तारण नहीं होने से नाराज होकर मंगलवार को सीडीओ कार्यालय पर तालाबंदी की। मांगों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।
जिला प्रधान संगठन चमोली के अध्यक्ष महाबीर सिंह रावत ने बताया कि ग्राम पंचायतों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से सरकार के समक्ष रखे जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रधानों में रोष है। संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम पंचायतों में किसी भी विभाग से स्वीकृत 10 लाख रुपये तक के कार्यों की कार्यदायी संस्था ग्राम पंचायत को बनाने की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्राम प्रधानों का पंचायतीराज विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य और जीवन बीमा कराने की मांग भी उठाई। संगठन के मुताबिक इससे प्रधानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
प्रधान संगठन ने प्रधानमंत्री आवास सर्वे-2024 में जरूरतमंदों के नाम होने के बावजूद आवास की प्राथमिकता सूची में नाम नहीं आने का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने जरूरतमंद ग्रामीण लाभार्थियों के नाम प्राथमिकता सूची में शामिल करने की मांग की है। इसके अलावा 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन में ग्राम पंचायतों को प्रत्येक परिवार से प्रतिमाह 100 रुपये यानी सालाना 1200 रुपये टैक्स लेने की बाध्यता से ग्राम पंचायतों को मुक्त करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि टैक्स लागू नहीं होने पर ग्राम पंचायतों के 16वें वित्त की धनराशि में 20 प्रतिशत कटौती का प्रावधान किया गया है। प्रधानों ने इस व्यवस्था में संशोधन की मांग की है। जिला प्रधान संगठन ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने दस सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष उमेश खंडूड़ी, महामंत्री महेंद्र सिंह बिष्ट, संरक्षक युद्धवीर सिंह फरस्वाण व रविंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष मंदोदरी गड़िया व अवतार सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी आशीष थपलियाल और विधि सलाहकार जयेंद्र झिंक्वाण आदि शामिल रहे।
