गोपेश्वर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने की योजना भी शामिल
पालिकाध्यक्ष संदीप रावत ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
गोपेश्वर (चमोली)। बरसात में जलभराव और पानी की निकासी की समस्या से जूझ रहे जिला मुख्यालय गोपेश्वर में ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जगी है। प्रदेश के 16 नगर क्षेत्रों की जीआईएस आधारित ड्रेनेज योजनाओं के लिए शासन ने 40.78 करोड़ रुपये की टोकन मनी जारी करने की स्वीकृति दी है। इन योजनाओं में गोपेश्वर नगर की जल निकासी व्यवस्था सुधारने से जुड़ी योजना भी शामिल है। सभी 16 योजनाओं की कुल लागत 2039.31 करोड़ रुपये है।
सिंचाई विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम धनराशि आहरित कर बजट प्रावधान करने के आदेश 14 अक्टूबर को जारी किए गए। शासन ने योजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संरचनात्मक डिजाइन तैयार करने, ट्यूबवेल शिफ्टिंग के लिए संबंधित विभागों से अनुमति लेने और निविदा प्रक्रिया के बाद बची धनराशि शासन को लौटाने जैसी शर्तें निर्धारित की गई हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि गोपेश्वर को बरसात के दौरान जलभराव और बरसाती पानी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है। नगर पालिका की ओर से लगातार नगर से जुड़े नालों के निर्माण और जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग उठाई जाती रही है। शासन की स्वीकृति से इस दिशा में आगे काम होने की उम्मीद बढ़ी है।
पालिकाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि गोपेश्वर की ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार नगरवासियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होने से बरसात में पानी की निकासी बेहतर होगी और लोगों को जलभराव से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
