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चमोली जिला प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन के बाद किया धरना समाप्त

जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ नगर को भूधसाव की जद से बचाने के लिए गुरूवार को जोशीमठ नगर क्षेत्र की जनता ने जोशीमठ के प्रवेश द्वार पर अलाव जलाकर धरना दिया और चक्का जाम किया। जिसके बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहंुची और नगर क्षेत्र की जनता की मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद धरना समाप्त करवाया। नगरवासियों के समर्थन में बाजार  भी बंद रहा।

जोशीमठ नगर में एक लंबे समय से हो रहे भूधसाव के कारण जोशीमठ के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। दिन प्रतिदिन स्थिति भयावाह होती जा रही है। कई भवनों पर दरारे पड़ने के कारण लोग इस सर्द रातों में घर के बाहर ही रात गुजारने को मजबूर है।  शासन-प्रशासन और सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने पर गुरूवार को यहां के निवासियों ने धरना देते हुए चक्का जाम किया। इस जाम में पर्यटक और अन्य आने जाने वाले लोग भी फंसे रहे। जिसे देर सांय को प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया है। जोशीमठ मे हो रहे भू धंसाव व मकानों में आ रही दरारों से भयभीत नगरवासियों बीती रात्रि को विशाल मशाल जुलूस भी निकाला।

जिला प्रशासन की ओर से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक सैनी और पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद शाह आंदोलन कर रहे लोगों से निरंतर वार्ता कर जाम खोलने का आग्रह करते रहे। लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार, संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूडी ने दो टूक कहा कि एनटीपीसी की परियोजना एवं हेलंग-मारवाड़ी बाई पास को बन्द किये जाने एवं प्रभावित हुए परिवारों की पुनर्वास की की व्यवस्था का लिखित आश्वासन के बाद ही जाम खोला जाएगा। बाद में अपर जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाटी मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल आंदोलनकारियों की मांग को लेकर उन्हें लिखित आश्वासन दिया जिसके बाद जाम को खोला गया। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक अतुल सती और प्रवक्ता कमल रतूडी ने कहा कि अभी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। शुक्रवार से तहसील परिसर में आंदोलन जारी रहेगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो फिर से चक्का जाम किया जाएगा।

 

प्रशासन ने लगायी निर्माण कार्यों पर रोक

जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने बीआरओ के अन्तर्गत निर्मित हेलंग-मारवाडी बाइपास मोटर मार्ग निर्माण कार्य तथा एनटीपीसी तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के अन्तर्गत निर्माण कार्यो पर अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के लिए जिला प्रशासन ने एनटीपीसी और एचसीसी कंपनियों को अग्रिम रुप से दो-दो हजार प्री-फेब्रिकेटेड भवन तैयार कराने के आदेश भी जारी किए है।

 

प्रशासन जुटा राहत कार्य में

जोशीमठ में भू-धंसाव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन की छह टीमें  घर-घर जाकर सर्वे करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने मे जुटी है। अभी तक 34 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। जिसमें से 29 परिवारों को प्रशासन ने जबकि  पांच परिवार अपने आप शिफ्ट हुए है। सर्वेक्षण कार्य जारी है। प्रभावित परिवारों के लिए जिला प्रशासन की ओर से राशन किट तैयार करायी गई है। राहत शिविरों में विद्युत, पेयजल, शौचालय की समुचित व्यवस्था की गई है। नगरपालिका, गुरुद्वारा, जीआईसी, आईटीआई तपोवन, प्राथमिक विद्यालय जोशीमठ आदि स्थानों पर प्रभावित परिवारों को रखा गया है।

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By admin

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