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गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड में लंबे समय बाद आयोजित होने वाली राज्य पात्रता परीक्षा में समाज कार्य, पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन विषय को जोड़ने की मांग को लेकर छात्रों ने एक ज्ञापन गुरूवार को उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा है।

समाज कार्य के शोधार्थी अतुल सती ने कहा कि समाज कार्य और पत्रकारिता एवं मास कम्युनिकेशन विषय का उत्तराखंड के समाज और पत्रकारिता के इतिहास में अहम योगदान रहा है। राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं समाज कार्य और पत्रकारिता एवं मास कम्युनिकेशन का मुख्य विषय के रूप में अध्ययन कर रहे हैं। इन विश्व विद्यालयों में केंद्रीय विवि श्रीनगर, कुमाऊं यूनिवर्सिटी, दून यूनिवर्सिटी, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी, एसजीआरआर यूनिवर्सिटी के साथ-साथ राज्य के अन्य महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय और महाविद्यालय भी सम्मलित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विजन के रूप  राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पष्ट रूप से स्किल को विशेष रूप से  रेखांकित किया गया है। मानविकी और समाज विज्ञान संकाय के अंतर्गत अध्ययन किए जाने वाले उक्त विषय प्रोफेशनल और स्किल बेस्ड विषय है। जिसमें बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं मास्टर की डिग्री के साथ साथ शोध कार्य भी कर रहे हैं। लंबे समयांतराल 2017 के बाद 2024 में राज्यस्तरीय पात्रता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जो कि उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। लेकिन समाज कार्य और पत्रकारिता एवं मास कम्युनिकेशन विषय को इसमें न जोड़ा जाना इन छात्रों के साथ भेदभाव है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री से इस मामले में छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए, अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है ताकि इस विषय में अध्यापन कर रहे छात्र परीक्षा में प्रतिभाग कर सके।

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By admin

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