देहरादून। प्रेस क्लब देहरादून में सोमवार को उत्तराखंड जन समर्थन पार्टी ने अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। कार्यक्रम में पारंपरिक राजनीतिक बयानबाजी से अलग पलायन, खाली होते गांव, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं की समस्याओं को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर आधारित सात मिनट की विज़न फिल्म से हुई, जिसमें पहाड़ों से हो रहे पलायन, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और युवाओं की निराशा को दर्शाया गया। पार्टी ने खुद को पोलिटिकल स्टार्टअप बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि लोगों की सोच बदलना है।
इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र कनेरी ने कहा कि पलायन केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोग पहाड़ छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पहाड़ गरीब रहेंगे तो धीरे-धीरे भाषा, संस्कृति और लोक कलाकार भी संकट में आ जाएंगे। उन्होंने जनता से जाति, धर्म और लहर से ऊपर उठकर मूल मुद्दों पर मतदान करने की अपील की।
कार्यक्रम में पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि निर्यात, पर्यटन, रोजगार और भूमि-संस्कृति संरक्षण सहित छह प्रमुख संकल्प भी प्रस्तुत किए। इसी दौरान पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई।
इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष धन सिंह नेगी, केंद्रीय मुख्य महासचिव अनिल जुयाल, प्रदेश महासचिव अरुण रावत, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सूरज नेगी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजली उनियाल और महिला प्रकोष्ठ महासचिव सरवेश सिंह मौजूद रहे।

