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गोपेश्वर (चमोली)। जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने सोमवार को सेना तथा आईटीबीपी के भूमि संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों की बैठक ली।

सेना तथा आईटीबीपी की लंबित समस्याओं को लेकर गोपेश्वर में हुई बैठक में डीएम तिवारी ने सभी लंबित प्रकरणों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ज्योतिर्मठ के एसडीएम को निर्देशित करते हुए आईटीबीपी और आर्मी के अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित भूमि प्रकरणों का समाधान करने को कहा। एसडीएम को सेना तथा आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर मामलों का। बैठक में भारतीय सेना के ज्योतिर्मठ-औली सड़क के आशा मोड़ पर लंबित प्रकरण को लेकर भी चर्चा की गई। इस पर डीएम ने सेना अथवा आईटीबीपी को कार्यदायी संस्था के रूप में कार्य कर रख-रखाव के लिए नगर पालिका को प्रकरण हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि औली में सेना के नाम पर 43.62 एकड़ भूमि दर्ज है जबकि सेना द्वारा 96.82 एकड़ भूमि पर स्थाई व अस्थाई निर्माण किया गया है। बताया कि आईटीबीपी के नाम दर्ज 27.16 एकड़ भूमि के एवज में 54.70 एकड़ भूमि पर स्थाई व अस्थाई निर्माण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में नीती, सुमना, लपथल अग्रिम क्षेत्र की भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई गतिमान है। सीमा क्षेत्र के पर्यटक स्थल देवताल, सुमना और बड़ाहोती में प्रतीक्षालय निर्माण हेतु भूमि का चिन्हीकरण किया जा रहा है। भूमि चयन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बताया कि सीमांत नीती गांव में पारंपरिक हॉल निर्माण के लिए भी भूमि चयन की प्रक्रिया गतिमान है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, जिला विकास अधिकारी केके पंत के साथ ही उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ व सेना और आईटीबीपी के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में मौजूद रहे।

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By admin

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