गोपेश्वर (चमोली)। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच कर्णप्रयाग विद्युत मण्डल की ओर से बुधवार को विद्युत वितरण खण्ड कार्यालय कोठियालसैंण में उपभोक्ताओं एवं अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें चमोली, गोपेश्वर, नंदप्रयाग एवं जोशीमठ से दर्ज शिकायतों की मौके पर सुनवाई और निस्तारण भी किया गया।
संवाद कार्यक्रम में उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के सदस्य शशि भूषण मैठाणी ने कहा कि अधिकांश देखने में आता है कि जिम्मेदार अधिकारियों को विद्युत एक्ट की जानकारी न होने के कारण उपभोक्ताओं को उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट सेवा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिबद्ध होना पड़ेगा, और प्रतिबद्धता तभी आएगी जब आप सभी विद्युत अधिनियम की जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि इस बात का जिक्र भिन्न-भिन्न आदेशों में किया गया है कि विभाग उपभोक्ताओं को दो से अधिक आईडीएफ, आरडीएफ, एनए और एनआर के बिल प्रेषित नहीं कर सकता है, फिर भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। नतीजतन एक्ट में प्राप्त प्रावधानों के चलते मंच को उपभोक्ताओं के दो के बाद दिए गए सभी बिल माफ करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है कि वर्तमान में विभाग एनए के बिल भी लगातार उपभोक्ताओं को प्रेषित कर रहा है, जबकि अब अधिकांश मीटर घरों से बाहर लगे हैं। ऐसे में एनए मतलब कि मीटर रीडर को उपभोक्ता की अनुपलब्धता आश्चर्यजनक है। इस पर विभागीय अधिकारी गंभीरता से सोचना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को विद्युत एक्ट 2003 और विद्युत नियामक आयोग के रेगुलेशल इलैक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड की सम्पूर्ण जानकारी का न होना और एक्ट को गंभीरता से न लिया जाना भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पूर्व में विद्युत लोकपाल सुभाष कुमार पौड़ी कमिश्नरी में आयोजित बैठक में स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि अधिकारी एक्ट को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो ऐसे में विभाग को होने वाले नुकसान की भरपाई भी संबंधित अधिकारियों के वेतन से कटौती कर पूरी की जाएगी ।
तकनीकी सदस्य भूपेंद्र कनेरी ने कहा कि अधिकारी कर्मचारी आवश्यक रूप से इलेक्ट्रिसिटी एक्ट को पढ़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विभाग आधी अधूरी जानकारी लेकर मंच के सामने प्रस्तुत हो रहा है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के अनुरूप उत्कृष्ट सेवाओं के देने के लिए प्रतिबद्ध रहें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच का उद्देश्य यह नहीं है कि वह उपभोक्ताओं को लाभ और विभाग को नुकसान पहुंचाए। उन्होंने कहा कि मंच उपभोक्ताओं के हितों के लिए गठित हैं। यदि विभागीय अधिकारी नियमों के अनुसार उपभोक्ताओं को सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध होंगे तो शिकायतें दर्ज होंगी ही नहीं। लेकिन लगातार शिकायतें मंच के समक्ष दर्ज हो रही हैं, इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं सेवाओं में कमी है। सुनवाई एवं संवाद कार्यक्रम के दौरान अवर अभियंता अंकित रावत (गोपेश्वर), दीपक राणा (नंदप्रयाग), लेखाकार बीएस फोनियां, कार्यालय अधीक्षक हरिकृष्ण पुरोहित, कांति पंवार, शिव प्रसाद गौड़, रंजना बड़वाल आदि मौजूद थे।

