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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में पेयजल आपूर्ति के जल संस्थान की ओर से दशकों पुरानी पेयजल वितरण लाइन से किया जा रहा है। जिससे लाइन में लीकेज और मांग के सापेक्ष कम आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। ऐसे में नगर में सुचारु पेयजल आपूर्ति के लिये अमृत गंगा पेयजल योजना की वितरण लाइन का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। लेकिन वर्तमान तक योजना को वित्तीय स्वीकृति न मिलने से योजना का निर्माण शुरु नहीं हो सका है।

बता दें, कि गोपेश्वर नगर में पेयजल आपूर्ति के लिये पेयजल निगम की ओर से अमृत गंगा पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। जिसमें विभाग की ओर से मुख्य सप्लाई लाइन का निर्माण कर लिया गया है। लेकिन योजना में वितरण लाइन निर्माण न होने के चलते पर्याप्त पानी के बावजूद नगर में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। विभाग के अनुसार योजना में जहां 36 किलोमीटर की वितरण लाइन का निर्माण् किया जाना है, वहीं आठ स्टोरेज टैंक और 16 किलोमीटर वैकल्पिक सप्लाई लाइन का निर्माण किया जाना है। लेकिन वित्तीय स्वीकृति न मिलने के चलते वर्तमान तक योजना का निर्माण शुरु नहीं हो सका है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र कुमार और अरुणेश का कहना है कि नगर में संचालित पेयजल लाइन के पुरानी होने से जहां लीकेज की समस्या बनी हुई है, वहीं नगर क्षेत्र की नालियां और पैदल मार्ग पेयजल की सप्लाई लाइनों से पटे पड़े हैं। जिससे नालियों की सफाई के साथ ही पैदल मार्गों पर आवाजाही भी मुश्किल बनी हुई है। ऐसे में सरकार को नगर में नई सप्लाई लाइन का निर्माण करने की योजना पर कार्य करना चाहिए।

 

गोपेश्वर में अमृत गंगा पेयजल योजना की वितरण लाइन के निर्माण के लिये 20.28 करोड़ का प्रस्ताव बाहय सहायतीत योजना के तहत स्वीकृति के लिये भारत सरकार को भेजा गया है। योजना की वित्तीय स्वीकृति मिलते ही वितरण लाइन और टैंक निर्माण का कार्य शुरु कर दिया जाएगा।

वीके जैन, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निगम, गोपेश्वर।

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