गोपेश्वर (चमोली)। हिमाद समिति के सहयोग से चाइल्ड लाइन और बाल संरक्षण ईकाई चमोली की ओर से बाल अधिकारों और सुरक्षा पर सोमवार को आयोजित एक दिवसयी कार्यशाला में बोलते हुए नवज्योति महिला कल्याण संसथा के सचिव महानंद बिष्ट ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही वेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ ही सर्वार्गीण विकास के लिये उनके साथ अभिभावकों व शिक्षकों को दोस्ताना व्यवहार अमल में लाये जाने की जरूरत है। ताकि बच्चें बेझिझक अपनी भावनाओं का प्रदर्शन कर सकेे।
चमोली जिले के दशोली ब्लाक के टेडाखन्साल सितोड़ा में आयोजित बाल अधिकारों सुरक्षा पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवज्योति महिला कल्याण संस्थान के सचिव ने कहा कि बच्चों को अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये बचपन से ही बेहतर शैक्षिक बातावरण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नौनिहालों को अपने प्रतिभाओं के प्रदर्शन के लिए उन्हें समय समय मौका प्रदान किया जाना चाहिये। उन्होनें कहा कि बच्चों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिये समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों का निवर्हन करने के लिये जागरूक रहने की जरूरत है। हिमाद से सचिव उमाशंकर बिष्ट ने चाईल्ड लाईन के कार्यो के बारे मंे विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी प्रकार की घटना होने पर 1098 पर काल काल किया जा सकता है। उन्होनें कहा कि अनाथ, जरूरतमंद तथा असहाय बच्चों के संरक्षण के लिये सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की गई हैं। इन योजनाओं के लाभ के लिये लोगों तक जानकारी पहंुचनी जरूरी है। चाईल्ड लाईन में अब तक आये मामलों पर चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि बच्चों के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न, भेदभाव तथा आपराधिक मामलों में कानून में प्रावधान किए गये हैं। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना तथा स्पान्सरशिप योजना की जानकारी देते हुए उन्होनें कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिये जरूरी दस्तावेज बाल संरक्षण इकाई को देने चाहिए। टेडा खन्साल की प्रधान लक्ष्मी कनूड़ी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को आगे आने का मौका मिलता है। इससे पूर्व बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा नाटकों की शानदार प्रस्तुतियां दी। बाल सरंक्षण इकाई द्वारा बच्चों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मंमद अध्यक्ष टीना देवी,सरंपच गोदाम्बरी देवी, ललिता देवी, विजय कुमार, अनिल नेगी, अनिता देवी, मंजू देवी, पीएलबी भक्ति देवी, सुमन सजवाण, राकेश सिंह आदि ने विचार प्रकट किये।

