खबर को सुनें

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के नगर क्षेत्र के मुख्य बाजार में जल संस्थान और उत्तराखंड पेयजल निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) के बीच समंवय की कमी नगरवासियों के लिये आफत का सबब बन गई है। यहां नगर में सीवर निस्तारण के लिये नमामि गंगे की ओर से तैयार लाइन बस स्टैण्ड के समीप क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। जिससे यहां सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। जिससे यहां आसपास बदबू फैल रही है। वहीं बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

बता दें कि गोपेश्वर में जल-मल की निकासी के लिये नमामि गंगे योजना के तहत उत्तराखंड पेयजल निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) की ओर से नई सीवर लाइन का निर्माण किया गया है। लेकिन संस्थान और इकाई के अधिकारियों में समंवय की कमी से अभी तक गोपेश्वर में योजना का सुचारु संचालन शुरु नहीं हो सका है। लेकिन इन दिनों लाइन टेस्टिंग के नाम पर नई लाइन पर संयोजित कनेक्शनों लाइन में पहुंच रहा सीवर इन दिनों बस स्टैण्ड के समीप बीते चार दिनों से सड़क पर बह रहा है। विभागीय अधिकारियों की कार्य प्रणाली का आलम यह है कि अभी तक लाइन का सुधारीकरण कार्य शुरु नहीं जा सका है। ऐसे में यहां आस-पास बदबू फैलने से व्यापारियों के साथ आवाजाही कर रहे लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारी सुशील कुंवर, गोपाल रावत, रघुवीर बिष्ट और जयवीर नेगी ने जल संस्थान के अधिकारियों से शीघ्र सीवर लाइन सुधारीकरण की मांग उठाई है।

 

गोपेश्वर में निर्मित सीवर लाइन पर बेतरतीब तरीके से जल संस्थान की ओर सीवर लाइनों के कनेक्शनों का संयोजन किया जा रहा है। जिससे दिक्कतें पैदा हो रही हैं। हालांकि मामले की जानकारी मिलने के बाद बस स्टैण्ड के समीप हो रही समस्या के निस्तारण के लिये कार्रवाई शुरु कर दी गइ है। जल्द ही समस्या का निराकरण कर लिया जाएगा।

संदीप कुमार, सहायक अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा)।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!