- 2014 से पहले नियुक्त एलटी शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग
- चार हजार शिक्षकों की प्रवक्ता पदों पर होनी है पदोन्नति
गोपेश्वर (चमोली)। एलटी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता ने शिक्षक संघ को सरकार के सामने मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया है। राजकीय शिक्षक संघ चमोली की जनपदीय कार्यकारिणी ने 2014 से पहले नियुक्त एलटी शिक्षकों को टीईटी से छूट देने और करीब चार हजार शिक्षकों की प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति तत्काल शुरू करने की मांग की है।
राइका कर्णप्रयाग में अध्यक्ष प्रकाश सिंह चैहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदोन्नति के साथ शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। संघ ने बताया कि प्रदेश में करीब 910 हेडमास्टर पद रिक्त होने वाले हैं। इन पदों को एलटी और प्रवक्ता शिक्षकों की पदोन्नति से भरने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की गई। 90 फीसदी से अधिक प्रधानाचार्य पद रिक्त होने का दावा करते हुए भर्ती नियमावली-2022 निरस्त कर 1,385 पद पदोन्नति से भरने की मांग की गई।
स्थानांतरण व्यवस्था को लेकर भी संघ ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है। सभी श्रेणियों में स्थानांतरण, अंतरमंडलीय स्थानांतरण शुरू करने और दुर्गम-सुगम सेवा अवधि को दोबारा पोर्टल पर प्रदर्शित करने की मांग की गई। अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को समान सेवा गुणांक देने की मांग भी उठी।
शिक्षकों से जुड़े लंबित प्रकरणों में संघ ने बताया कि छठे वेतनमान की कनिष्ठ-वरिष्ठ वेतन विसंगति के 115 मामले निस्तारित हो चुके हैं। कार्यकारिणी के गठन के बाद 62 उपार्जित अवकाश प्रकरणों के स्वीकृति आदेश जारी हुए हैं। धारा 27 के तहत 265 एलटी और 105 प्रवक्ता शिक्षकों के स्थानांतरण आवेदन भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजे जा चुके हैं।
एससीईआरटी और डायट के प्रस्तावित अलग संवर्ग को लेकर संघ ने शिक्षकों के हित सुरक्षित रखने की मांग की। इन संस्थानों के शैक्षणिक पद शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से भरने तथा प्रशासनिक संवर्ग के नए पदों के सृजन का विरोध किया गया। उप शिक्षा अधिकारी के 50 फीसदी पद शिक्षकों के लिए आरक्षित करने की मांग भी की गई।
बैठक में जनपदीय अध्यक्ष प्रकाश सिंह चैहान, मंत्री बीरेंद्र सिंह नेगी, संगठन मंत्री बलवंत सिंह बिष्ट, कल्पना बेन गौतम, कार्यालय मंत्री अतीश चंद्र खंडूड़ी समेत पदाधिकारी मौजूद रहे।
