गोपेश्वर (चमोली)। भाई की शादी में शामिल होने जा रही दो महिलाओं के सफर में उस वक्त चिंता छा गई, जब करीब 14 लाख रुपये के जेवरों से भरा पिट्ठू बैग रास्ते में गुम हो गया। कई पड़ाव पार करने के बाद जब बैग नहीं मिला तो दोनों महिलाएं रात करीब साढ़े सात बजे कोतवाली चमोली पहुंचीं। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तलाश शुरू की। सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल, वाहन चालकों से संपर्क और देर रात तक लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने रात करीब एक बजे जेवरों से भरा बैग बरामद कर लिया। कीमती जेवर सुरक्षित मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और चमोली पुलिस का आभार जताया।
रामनगर, नैनीताल और लक्ष्मीनगर, नई दिल्ली निवासी दोनों महिलाएं अपने भाई की शादी में शामिल होने ज्योतिर्मठ जा रही थीं। वे सुबह रामनगर से अपनी गाड़ी से गैरसैंण पहुंचीं। इसके बाद टैक्सी से कर्णप्रयाग और फिर दूसरे वाहन से चमोली पहुंचीं। इसी दौरान उनका जेवरों से भरा बैग कहीं छूट गया। काफी तलाश के बाद भी जब बैग का पता नहीं चला तो उन्होंने कोतवाली चमोली पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी।
सूचना पर कोतवाली चमोली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विजय प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश शुरू कराई। पुलिस ने कर्णप्रयाग क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की मदद से संबंधित वाहन की पहचान की और उसके चालक से संपर्क किया। रात करीब 10रू30 बजे नारायणबगड़ के पास हरवंश गांव में वीडियो कॉल के माध्यम से वाहन की जांच कराई गई, लेकिन बैग वहां नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं के कर्णप्रयाग से चमोली तक के सफर में इस्तेमाल किए गए दूसरे वाहन की जानकारी जुटाई। वाहन का पता लगाकर उसकी जांच की गई तो रात करीब एक बजे जेवरों से भरा बैग बरामद हो गया। लगातार कई घंटे की मशक्कत के बाद मिली इस सफलता से दोनों महिलाओं की चिंता दूर हो गई। बैग में रखे करीब 14 लाख रुपये के जेवर सुरक्षित मिलने पर महिलाओं और उनके परिजनों ने राहत जताई। उन्होंने चमोली पुलिस की तत्परता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
