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गोपेश्वर (चमोली)। डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन की ओर से बुधवार को विश्व फार्मेसी दिवस पर जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में एक गोष्ठी की गई तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किये गये।

विश्व फार्मेसी दिवस पर बोलते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजकेश पांडे ने कहा कि इस तारीख का अपना अलग ऐतिहासिक महत्व है। दरअसल, यह वही दिन है, जब वर्ष 1912 में इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन (एफआईपी) का गठन हुआ था। इसके बाद साल 2009 में एफआईपी परिषद ने फार्मासिस्ट्स को लेकर लोगों की समझ को बढ़ाने के मकसद से इस्तांबुल, तुर्की में एक सम्मेलन के दौरान वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे को औपचारिक रूप से मान्यता दी थी और तब से आज तक इस दिन को मनाया जा रहा है। इसे मनाने का मकसद दुनियाभर के फार्मासिस्ट्स के मेडिकल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालता है। यह दिन ग्लोबल हेल्थ सिस्टम में फार्मासिस्ट्स के योगदान की सराहना करने और उसे उजागर करने के लिए हर साल मनाया जाता है। इस मौके पर फार्मेसिस्टों की ओर से प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. अनुराग धनिक के नेतृत्व में अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल भी वितरित किये गये। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपरूवाण, मुख्य फार्मेसी अधिकारी आरसी नेगी, एसएल कोठियाल, जीएल आर्य, एसएस भंडारी, एमआर आर्य, मंजू नेगी, अशोक पंवार, बीरेंद्र रावत, संजय राणा आदि मौजूद थे।

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