प्रधानमंत्री ड्रीम प्रोजेक्ट पर भी मंडरा रहा संकट
गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड जल संस्थान के गोपेश्वर डिवीजन में दस माह से अधिशासी अभियंता की तैनाती न होने से जल जीवन मिशन के कार्यों को पलीता लग रहा है। दरअसल जल संस्थान के गोपेश्वर डिवीजन में तैनात अधिशासी अभियंता श्रीवास्तव का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो गया था। सेवानिवृत्ति के पश्चात अभी तक इस पद पर किसी की तैनाती नहीं की गई है। अधिशासी अभियंता की तैनाती न होने के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल जीवन मिशन के ड्रीम प्रोजेक्ट को पलीता लग रहा है। वैसे भी नंदानगर, पोखरी, जोशीमठ तथा दशोली और बदरीनाथ राजमार्ग पर पेयजल व्यवस्था का जिम्मा इसी डिवीजन के पास है। ईई का पद खाली पड़े रहने से विभागीय गतिविधियां प्रभावित हो रही है। इसके चलते भौतिक तथा वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति भी समय पर नहीं हो पा रही है। हालांकि इस बात की गुहार लगातार शासन-प्रशासन से की जा रही है किंतु आश्वासनों पर ही लोगों को टरकाया जाता रहा है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर ही संकट मंडरा रहा है। बावजूद इसके अधिशासी अभियंता की तैनाती को लेकर कोई पहल होती दिखाई नहीं दे रही है। लोगों को अधिशासी अभियंता की तैनाती की विलंब की बात गले नहीं उतर पा रही है। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन इस मामले में क्या रूख अपनाता है। फिलहाल तो ईई की तैनाती न होने से विभाग राम भरोसे चल रहा है।

