देहरादून। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के मूल निवास-भू कानून प्रकोष्ठ ने देहरादून स्थित केंद्रीय कार्यालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रकोष्ठ अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में हुई गंभीर चूकों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
केंद्रीय महामंत्री देवचंद उत्तराखंडी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की शिकार होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं से शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राकेश नेगी ने कहा कि सीबीएसई द्वारा मूल्यांकन कार्य एक ऐसी कंपनी को सौंपे जाने के आरोप सामने आए हैं, जिसका पूर्व रिकॉर्ड भी विवादों में रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने, पेपर लीक मामलों के दोषियों को कठोर दंड देने तथा छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
प्रदर्शन में संगठन मंत्री प्रकाश भट्ट, महानगर अध्यक्ष शुभम नेगी, मीडिया प्रभारी दिनेश पंत, महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय उपाध्यक्ष संगीता सकलानी बहुगुणा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष पौड़ी दीप्ति दूधपुरी, केंद्रीय प्रवक्ता प्रमोद काला, कल्पना सेमवाल, मनोज भट्ट, शोभा रावत, कामना बिजल्वाण, लीला देवी, अमित भट्ट सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
