श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखा। शनिवार को सीनेट हॉल में छात्र सलाहकार समिति और छात्रसंघ पदाधिकारियों के बीच हुई संवादात्मक बैठक में बेहतर प्लेसमेंट, रोजगारोन्मुखी सुविधाओं, स्वास्थ्य बीमा, शोधार्थियों के लिए परिवहन, स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं में आवश्यक उपकरण व रसायनों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठा।
छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सक की व्यवस्था और पुस्तकालय में एनईपी-2020 के अनुरूप नई एवं प्रासंगिक पुस्तकों की उपलब्धता की मांग भी रखी। छात्रावासों में स्वच्छता, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं में सुधार का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु भंडारी, सचिव मयंक बहुगुणा, उपाध्यक्ष पुलकित अग्रवाल समेत अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों के साथ रोजगार और कौशल विकास पर भी विश्वविद्यालय को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आईटैप विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्षाओं और नियमित शिक्षकों की उपलब्धता, लैंगिक समानता, समान अवसर और अकादमिक व सांस्कृतिक क्लबों के संचालन पर भी सुझाव दिए गए।
छात्र प्रतिनिधियों ने कौशल विकास कार्यशालाओं के आयोजन और यूपीएससी मार्गदर्शन की सुविधा विकसित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलना जरूरी है।
चीफ स्टूडेंट्स एडवाइजर प्रो. एमएम सेमवाल ने नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए छात्र राजनीति में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और जिम्मेदार प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रसंघ से विश्वविद्यालय की सकारात्मक शैक्षणिक संस्कृति को मजबूत करने में सहयोग की अपेक्षा जताई।
ज्वाइंट स्टूडेंट्स एडवाइजर प्रो. सीमा धवन ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान के लिए रचनात्मक सुझाव भी जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि छात्र सलाहकार समिति विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए टिहरी और पौड़ी परिसरों तक अपनी भूमिका का विस्तार करेगी।
प्रो. ममता राणा ने नियमित कक्षा उपस्थिति और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण पर जोर दिया। डिप्टी स्टूडेंट्स एडवाइजर डॉ. कविता भट्ट ने छात्र सलाहकार समिति को विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद-सेतु बताया।
बैठक के अंत में डॉ. अमरजीत सिंह परिहार ने कहा कि विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए मुद्दों को संस्थागत प्रक्रिया के तहत संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। बैठक में अमन कुनियाल, सुनिधि सिंह, युवराज सिंह, अभिराज सिंह नेगी, नवनीत गुप्ता और रामस्वरूप गुर्जर समेत छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।
