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गोपेश्वर (चमोली)। तहसीलदार के सेवानिवृत्त होने के बाद नारायणबगड़ तहसील में प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था पर संकट गहरा गया है। आठ पटवारी क्षेत्रों में छह क्षेत्र खाली हैं और तहसील में महज दो पटवारियों के भरोसे राजस्व कामकाज चल रहा है, वहीं कनिष्ठ सहायक का भी सिर्फ एक पद कार्यरत है। इससे प्रमाण-पत्र, भूमि संबंधी मामलों, दाखिल-खारिज और विरासत जैसे कामों के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव संदीप कुमार ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर तहसीलदार समेत रिक्त राजस्व और लिपिकीय पदों पर जल्द तैनाती की मांग की है। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को तहसीलदार के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद भी खाली हो गया है। 79 ग्राम पंचायतों वाली पर्वतीय तहसील में पहले से ही कार्मिकों की कमी है, ऐसे में तहसीलदार का पद रिक्त होने से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि दूरस्थ गांवों के लोगों को आय, जाति, स्थायी निवास, भूमि संबंधी कार्य, दाखिल-खारिज, विरासत और अन्य राजस्व कार्यों के लिए तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। पर्याप्त कार्मिक नहीं होने से मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है और लोगों को समयबद्ध सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

कांग्रेस ने तहसीलदार की जल्द तैनाती के साथ छह रिक्त पटवारी क्षेत्रों में राजस्व उपनिरीक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। नियमित नियुक्ति होने तक अतिरिक्त तहसीलदार और राजस्व उपनिरीक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है।

 

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By admin

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