-सोशल मीडिया पर प्रसारित दस्तावेज में कर्मचारी को निजी सचिव बताए जाने का दावा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
गोपेश्वर (चमोली)। श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद के बीच एक नया पत्र वायरल होने से मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, वायरल पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इससे पहले बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है। उन्होंने कहा था कि संबंधित कर्मचारी पूर्व में भी समिति के तीन अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें उसी कर्मचारी को निजी सचिव दर्शाते हुए बदरीनाथ धाम की प्रोटोकॉल व्यवस्था और थाल गणना संबंधी व्यवस्थाओं का दायित्व सौंपे जाने का दावा किया जा रहा है। इस पत्र के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि, वायरल पत्र की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस संबंध में बीकेटीसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की गई है। ऐसे में पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि होना अभी बाकी है।
उल्लेखनीय है कि बीकेटीसी पहले ही चढ़ावा प्रकरण की जांच के आदेश दे चुकी है और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज और बीकेटीसी के आधिकारिक बयान पर आधारित है। वायरल पत्र की स्वतंत्र पुष्टि हमारा संस्थान नहीं करता।)
