गोपेश्वर (चमोली)। जिला सभागार में सोमवार को जनता मिलन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी। 30 शिकायतों में कहीं मुआवजा अटका था तो कहीं घर तक पानी नहीं पहुंच रहा था। किसी ने स्कूल की बदहाल स्थिति बताई तो किसी ने जमीन पर कब्जे और नेटवर्क की समस्या उठाई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने एक-एक शिकायत सुनी और संबंधित अधिकारियों को तय समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रौलीग्वाड़ के प्रताप सिंह ने मुआवजा भुगतान का मामला उठाया। सीडीओ ने भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। देवर के मनमोहन सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल कनेक्शन की समस्या बताई। मामले में एसडीएम, अधिशासी अधिकारी और जल निगम के अधिकारियों को ग्रामीणों से समन्वय कर समाधान निकालने के निर्देश दिए गए। सुनाली निवासी दिगपाल सिंह ने प्राथमिक विद्यालय की मरम्मत की मांग रखी। सीडीओ ने बीडीओ को ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई कर विद्यालय की मरम्मत कराने को कहा। कुलदीप नेगी की नाम परिवर्तन संबंधी शिकायत पर एसडीएम चमोली और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। राकेश रावत ने भूमि पर कब्जे की शिकायत की। सीडीओ ने एसडीएम को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। बमियाला निवासी अभिषेक रावत ने नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या उठाई तो ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बलवीर सिंह ने सेप्टिक टैंक से रिसाव की शिकायत रखी। इस पर सीडीओ ने नगर पालिका गोपेश्वर के अधिशासी अधिकारी को संबंधित पक्ष को तीन दिन के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई के लिए नोटिस देने के निर्देश दिए। राकेश लाल, ललिता तिवाड़ी, आत्माराम और गजेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता मिलन में आने वाली शिकायतें सिर्फ दर्ज होकर फाइलों में न पड़ी रहें। हर शिकायत का निस्तारण तय समय में हो और शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, एसडीएम राज कुमार पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
1905 पर अटकी शिकायतों की भी पड़ताल
जनता मिलन के बाद सीडीओ ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। इस दौरान जिला पूर्ति विभाग के तीन, वन विभाग के छह, लोनिवि के 21, श्रम विभाग के छह, पंचायतीराज के पांच और नगर पालिका के नौ मामलों की स्थिति देखी गई। सीडीओ ने अधिकारियों को पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ कार्रवाई की अद्यतन जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता है। अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें।
