गोपेश्वर (चमोली)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विश्व अल्जाइमर दिवस जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में बोलते हुए सिविल जज (सीडि) व जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव पुनीत कुमार ने कहा कि अल्जाइमर को भूलने की बीमारी से जाना जाता है। कहा कि यह बीमारी मेंटल डिसऑर्डर है। इसके लक्षण बुजुर्ग व्यक्तियों में ज्यादा पाया जाता है लेकिन आज के दौर में युवा भी इस बीमारी की शिकार हो रहे हैं। इसलिए आवश्यक है कि समय से बीमारी से निजात पाने के लिए जागरूक होना जरूरी है। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. अनुराग धनिक ने कहा कि अल्जाइमर न्यूरोलॉजिकल विकार है। यह मस्तिष्क और याददाश्त से जुड़ी हुई है जो व्यक्ति की सोचने की शक्ति को कम करने की साथ ही दिमाग की नसों को संकुचित करता है। उन्होंने बीमारी की उपचार के त्रिकोण की जानकारी दी। हिमाद के सचिव एवं अधिकार मित्र उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि इस इस बीमारी से निजात पाने के लिए जागरूकता और समय पर ईलाज किए जाने की आवश्यकता है।
इस दौरान डा. डीएन सिंह, प्रशासनिक सहायक रणजीत सिंह, सखी वन स्टॉप सेंटर की रश्मि रावत, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रशासनिक सहायक प्रदीप रावत, नवीन बिष्ट, जीएस भंडारी, सोहन सिंह, महेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।

