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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के राजकीय जूनियर हाईस्कूल (पूमा) शिक्षक संघ ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण में सोमवार को शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर जिला मुख्यालय गोपेश्वर में धरना प्रदर्शन किया।

शिक्षक संघ ने स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर से जिलाधिकारी कार्यालय तक हुंकार रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आंदोलन के चैथे चरण में 29 मई को शिक्षा निदेशालय देहरादून में धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि पांचवें चरण में 8 जून को पूरे प्रदेश के जूनियर हाईस्कूल शिक्षक सचिवालय घेराव करेंगे।

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि शिक्षकों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाने के लिए 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार को विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग करनी चाहिए। मनोज शाह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। रैली में प्रदेश लेखाकार हरपाल बिष्ट, मंडलीय सचिव सैन सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष उपेन्द्र सती, जिला मंत्री बिक्रम गुसाई, उपाध्यक्ष मंजूषा पुंडीर, संयुक्त मंत्री यशपाल बुटोला, कोषाध्यक्ष सर्वेश्वर सिमल्टी आदि ने अपने विचार रखे।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें

शिक्षकों ने सरकार के समक्ष जो मांगे रखी है। उनमें 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट देने, जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों के लिए त्रिस्तरीय पीआरटी-टीजीटी-पीजीटी कैडर व्यवस्था लागू करने तथा एलटी समायोजन प्रक्रिया को जल्द लागू करने, 4600 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को 17140 वेतनमान का वास्तविक लाभ देने, काल्पनिक व्यवस्था समाप्त करने तथा वेतन वसूली से मुक्त करने, पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं तथा सभी जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी विषय के शिक्षक का पांचवां पद सृजित किया जाए। पुरानी पेंशन बहाली, अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सुविधा, सातवें वेतनमान के बाद चयन एवं प्रोन्नत वेतनमान पर वेतनवृद्धि, ओपीडी समेत निःशुल्क चिकित्सा सुविधा तथा खेल प्रतियोगिताओं के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

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