3,858 घरों को सीवरेज और 2,701 को पेयजल कनेक्शन देने की योजना,
चार नए टैंक और एसटीपी का भी होगा निर्माण
गोपेश्वर (चमोली)। जोशीमठ में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब 115 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू हो गया है। परियोजना के तहत 3,858 घरों को सीवरेज और 2,701 घरों को पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा चार नए पेयजल टैंकों का निर्माण और 3 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंगलवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति और निर्माण कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में भूमि चयन, विभागीय अनुमति और विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। पुराने पेयजल टैंकों की मरम्मत और रेट्रोफिटिंग भी परियोजना का हिस्सा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जोशीमठ बदरीनाथ धाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। ऐसे में निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद उपलब्ध समय का उपयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। सभी विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से काम करें।
डीएम ने 3 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश तहसीलदार जोशीमठ को दिए। उन्होंने प्रस्तावित निर्माण स्थलों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने के बाद ही तकनीकी रूप से सुरक्षित भूमि का चयन करने को कहा। उन्होंने पेयजल निगम और जल संस्थान को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि पाइपलाइन बिछाने या अन्य निर्माण के दौरान मौजूदा पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि जोशीमठ में पेयजल और सीवरेज से जुड़ी यह परियोजना बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
इस दौरान परियोजना निदेशक आनंद सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित यूयूएसडीए, जल निगम, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
