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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिला जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अवैध हथियारों का व्यापार सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि हथियारों की तस्करी के संभावित मार्गों और संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नजर रखी जा सके।

चमोली में अवैध शस्त्रों की रोकथाम और निगरानी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित अवैध शस्त्र निगरानी समिति की बैठक में हथियारों की आवाजाही, लाइसेंस सत्यापन और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई।

डीएम ने शस्त्र लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड का नियमित सत्यापन करने और शस्त्र दुकानों के स्टॉक की सघन जांच सुनिश्चित करने को कहा। तहसीलों में स्थापित मालखानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में शस्त्र पटल सहायक ने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में शस्त्र से संबंधित कोई मुकदमा दर्ज नहीं है और न ही कोई हथियार जब्त किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।

बैठक में पुलिस उपाधीक्षक बीएस राणा ने बताया कि पुलिस विभाग अवैध शस्त्रों की तस्करी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रहा है तथा थाना स्तर पर शस्त्रों के सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जा रही है।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, डीएफओ सर्वेश दुबे, चमोली के एसडीएम आरके पांडेय, जोशीमठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ, एसडीएम अबरार अहमद समेत अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

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