– धरने के दौरान केंद्रों पर तालाबंदी और पोषण ट्रेकर कार्य बंद
– जिलाध्यक्ष कश्मीरा देवी बोलींः मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
गोपेश्वर (चमोली)। मांगों और समस्याओं को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के सम्मुख अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य मांगों के समाधान को ज्ञापन भी भेजा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन की जिलाध्यक्ष कश्मीरा देवी ने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन से मांग करता आ रहा है, लेकिन उनकी मांग पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है। इससे संगठन में भारी रोष व्याप्त है। इसी को लेकर संगठन की ओर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तब तक केंद्रों पर तालाबंदी के साथ ही पोषण टेªकर पर कार्य बंद रहेगा।
इस दौरान ब्लाॅक अध्यक्ष मंजू सती, उपाध्यक्ष उमा चंदोला, सरिता देवी, अनीता नेगी, गीता नेगी, बिंदू थपलियाल, मथुरा, रेखा पुरोहित, दीपाली, कस्तूरा देवी, गीता चंद्रा, कमला देवी, बिंदिया देवी, सीमा, सुमित्रा, उषा देवी, उमा देवी, अनसूया नेगी आदि मौजूद रहे।
मांगे-
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में राज्य सरकार द्वारा 140 प्रतिदिन की वृद्धि की जाए तथा केंद्र सरकार को 150 प्रतिदिन वृद्धि का प्रस्ताव भेजा जाए।
-बिना किसी अतिरिक्त अर्हता के सेवानिवृत्ति पर 10 लाख देने का जीओ जारी किया जाए। जब तक यह लागू नहीं होता, तब तक 300 की कटौती न की जाए।
-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बायोमेट्रिक मशीन से न जोड़ा जाए।
-सुपरवाइजर पदों पर प्रतिवर्ष सीनियरिटी के आधार पर विज्ञप्ति जारी की जाए।
-60 वर्ष की सेवा निवृत्ति पर एक लाख की एकमुश्त धनराशि दिए जाने का जीओ जारी किया जाए तथा सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। पेंशन योजना लागू की जाए।
-केवाईसी/फेस कैप्चरिंग प्रक्रिया में सुधार किया जाए ताकि एक लाभार्थी का कार्य केवल एक बार ही करना पड़े।
-आंगनबाड़ी भवन किराया बढ़ाया जाए तथा राशि सीधे आंगनबाड़ी के खाते में डाली जाए।
-मोबाइल रिचार्ज के लिए दी जाने वाली धनराशि बढ़ाकर समय पर उपलब्ध कराई जाए।
अन्य विभागों के कार्य कराने पर संबंधित विभाग से एक हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
-नंदा गौरा योजना का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी प्रदान किया जाए।
-कार्य को दिए गए मोबाइल फोन की स्थिति अत्यंत खराब है, अतः नए फोन उपलब्ध कराए जाएं।
-वर्ष 2022-23 में गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ नहीं मिला है, इसे शीघ्र दिलाया जाए।

