खबर को सुनें

कर्णप्रयाग (चमोली)। महिला बेस अस्पताल सिमली में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं के विरोध में चल रहा जन आंदोलन अब उग्र हो गया है। मांगों पर शासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज आंदोलनकारियों ने शनिवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया।

शनिवार को आंदोलनकारियों ने धरना स्थल से महिला बेस अस्पताल सिमली तक विरोध रैली निकाली और स्वास्थ्य सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने की मांग की। रैली के बाद प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश खंडूड़ी आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता पिछले कई वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग लगातार अनदेखी कर रहा है।

उन्होंने बताया कि 5 जून से सिमली मुख्य बाजार में सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया था, जो लगातार आठ दिनों तक चला। इसके बावजूद शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। मजबूरन आंदोलनकारियों को नौवें दिन से भूख हड़ताल और आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।

उमेश खंडूड़ी ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित महिला बेस अस्पताल आज भी विशेषज्ञ चिकित्सकों और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। अस्पताल में पैथोलॉजी लैब तकनीशियनों की तैनाती नहीं है, जबकि अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेवाएं भी नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

आंदोलनकारियों ने अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर के नियमित संचालन, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन को क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। इस दौरान इंदरा देवी, शिवानी चौधरी, पंकज लडोला समेत  कई लोग मौजूद रहे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

error: Content is protected !!