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गोपेश्वर (चमोली)। राजकीय शिक्षक संघ के नियमों (बाॅइलाॅज) में संशोधन करने पर संघ भड़क उठा है। दरअसल माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राजकीय शिक्षक संघ के नियमों में संशोधन के आदेश जारी किए हैं। इसके तहत संघ मान्यता प्राप्त संगठन होने के चलते इसमें विभागीय हस्तक्षेप किसी के गले नहीं उतर पा रहा है। संगठन के चुनाव की प्रक्रिया बाॅइलाॅज के अनुसार संपादित की जाती है। इस तरह के आदेशों से विभागीय हस्तक्षेप के चलते ही अब चुनाव प्रक्रिया संचालित होगी। यह तय करना शिक्षकों का ही काम है न कि विभाग का। सब को वोट देने की आड़ में संगठन को संस्थानिक रूप से कमजोर का प्रयास किया जा रहा है।

राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चैहान ने इस तरह के संशोधन आदेश पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि इसके अधिकांश बिंदु संगठन के प्रावधानों पर चोट करता है। इससे संगठन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। कहा जा सकता है कि संशोधन आदेश संगठन को कमजोर करने की साजिश का हिसा है। उनका कहना है कि संगठन मान्यता प्राप्त संगठन है। इसके निर्वाचन में विभागीय हस्तक्षेप गले नहीं उतर पा रहा है। इसलिए विभाग को तत्काल संशोधन प्रस्ताव को वापस लेना होगा। चमोली जिला कार्यकारणी ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि पिछले आठ सालों से शिक्षकों की पदोन्नति का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। बीते दो सालों से शिक्षकों के स्थानांतरण लटके पड़े हैं। चेन प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृति पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि से लेकर बेसिक से एलटी में समायोजित शिक्षकों की पूर्व की सेवाओं का लाभ देने के मामला भी लटका पड़ा है। उन्होंने नियमों में संशोधन के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

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