गोपेश्वर (चमोली)। जनता की शिकायतों पर अब सिर्फ आश्वासन नहीं, सीधी कार्रवाई होगी। सोमवार को जनता मिलन में 27 फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को लापरवाही के बिना तय समय में शिकायतों का निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।
डीएम ने साफ किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्राम जस्यारा निवासी रणजीत लाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सर्वे के दौरान उनकी पत्नी का नाम दर्ज होने और पत्नी की मृत्यु के बाद आवास का लाभ उनके नाम किए जाने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक को नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करने तथा खंड विकास अधिकारी कर्णप्रयाग को गांव जाकर प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्रता पूरी होने पर नियमानुसार नाम जोड़ने को कहा।
रौली निवासी अनिल रावत ने स्वरोजगार के लिए विद्यालय भवन उपलब्ध कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सिरौं निवासी विजय सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को उसी दिन एनओसी जारी कर शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। चेपड़ो निवासी देवेंद्र सिंह रावत ने चैन लिंक फेंसिंग की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। डुमक निवासी राजेंद्र सिंह भंडारी ने वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित शिकायत रखी। जिलाधिकारी ने प्रकरण के समाधान के लिए गुरुवार को अपर जिलाधिकारी, वन विभाग, पीएमजीएसवाई समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सगर निवासी हरीश रावत, गौणा निवासी गजेंद्र सिंह रावत, तपोवन निवासी कस्तूरा देवी, रोपा निवासी बंशी लाल समेत अन्य फरियादियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए निर्धारित समय में शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
