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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले की जिला पंचायत की पूर्व सदस्य उषा रावत ने शनिवार को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर चारधाम यात्रा को लेकर एक स्पष्ट नीति बनाये जाने की मांग की है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि चारधाम यात्रा में सरकार लगातार कह रही है कि तीर्थ यात्रियों के साथ ही पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन स्थानीय लोगों के व्यवसायों में गिरावट आती जा रही है। जिसका कारण है स्पष्ट नीति का न होना। उन्होंने कहा कि एन चारधाम यात्रा के दौरान सरकार ने पंजीयन को अनिवार्य कर दिया जिस कारण काफी तीर्थयात्री अपने तय समय पर यात्रा पर नहीं आ पाया, वहीं जिन लोगों ने पूर्व से ही अपने होटल, लॉज की बुकिंग की थी यात्रा पर न आने के कारण उन्हें रद्द करवाना पड़ा जिससे यहां के व्यवसायिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले यात्रा काल के दौरान गेट सिस्टम की व्यवस्था थी जिससे धामों में दर्शन और रूकने की व्यवस्था हो जाती थी साथ आठ बजे रात्रि के बाद वाहनों के आवागमन पर भी रोक थी जिससे स्थानीय व्यवसायियों को इसका लाभ मिलता था लेकिन अब ऐसा न होने से धामों पर भी दबाव बढ़ रहा है और स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दोनों सरकारों से इस दिशा में भी विचार करने की मांग की साथ ही नीट की परीक्षा को रद्द करते हुए उसे पुनः करवाने की भी मांग की है।

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By admin

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