खंडूड़ी का निधन पर डॉ रावत ने जताया दुःख, कुमाऊं दौरा किया स्थगित
कहा भारतीय राजनीति में अनुशासन, ईमानदारी और सादगी रही उनकी पहचान
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी भारतीय राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल थे और देश उन्हें स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिये सदैव याद रखेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री के निधन का समाचार मिलते ही कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपना कुमाऊं मण्डल दौरा बीच में ही स्थगित कर सभी निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिये। डॉ. रावत ने कहा कि मेजर जनरल बी.सी. खंडूड़ी का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिये अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी ने अपने सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखा और अपने कार्यों से जनमानस के बीच एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, स्पष्टवादी एवं अनुशासित था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिये सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
डॉ. रावत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए बी.सी. खंडूड़ी ने देश की महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं समर्थकों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

