-सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों का लिया संज्ञान, जांच समिति गठित करने के निर्देश
देहरादून/बदरीनाथ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सोशल मीडिया पर श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के वायरल आरोपों का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच कराई जाएगी और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया में जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, जो पूर्व में भी समिति के अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुका है।
मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई है। उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष को पूरी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है तथा मामले की विस्तृत जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव अध्यक्ष को भेजा गया है। समिति सभी उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत दोषियों के विरुद्ध विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले अपुष्ट और भ्रामक आरोपों के प्रसार से बचें तथा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।
