खबर को सुनें

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड में मूल निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू करने को सीएम से गुहार लगाई गई है। उक्रांद के केंद्रीय प्रवक्ता सत्य प्रकाश सती ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेज ज्ञापन में कहा है कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड में मूल निवास प्रमाण पत्र की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। मूल निवास प्रमाण पत्र के स्थान पर स्थाई निवास की व्यवस्था की गई है। यह उत्तराखंड राज्य की मूल अवधारणा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद यहां 32 लाख लोग बाहर से आकर बस गए हैं। बाहर से आए लोग स्थाई निवास प्रमाण पत्र प्राप्त कर मूल निवासियों के हक हकूकों को छिन रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को तत्काल मूल निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता लागू करनी चाहिए। इससे ही यहां के मूल निवासियों के हित सुरक्षित रह सकेंगे। सरकार ने ऐसा नहीं किया तो उक्रांद इस सवाल को लेकर आंदोलन छेडे़गा।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!