गोपेश्वर(चमोली)। राजकीय शिक्षक संघ जनपद कार्यकारिणी चमोली ने ट्रांसफर एक्ट-2017 के प्रावधानों के विपरीत किए जा रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं के अटैचमेंट और कार्ययोजित व्यवस्था का कड़ा विरोध किया है। संघ ने इसे नियमविरुद्ध बताते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चौहान ने कहा कि एक ओर विभाग पिछले दो वर्षों से शिक्षकों के नियमित स्थानांतरण नहीं कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अटैचमेंट की व्यवस्था धड़ल्ले से लागू की जा रही है। इससे वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है और उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह चौहान और जिलामंत्री बीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षा विभाग को ट्रांसफर एक्ट-2017 के तहत सभी श्रेणियों के शिक्षकों के स्थानांतरण करने चाहिए, ताकि सभी के साथ समानता का व्यवहार हो और स्थानांतरण प्रक्रिया नियमित बनी रहे।
उन्होंने कहा कि विभाग कोटिकरण पर न्यायालय में लंबित मामले का हवाला देकर पिछले दो वर्षों से स्थानांतरण नहीं कर रहा है। इस वर्ष भी अनुरोध के आधार पर होने वाले स्थानांतरण के लिए केवल पांच श्रेणियों में आवेदन मांगे गए हैं, जबकि दुर्गम से दुर्गम श्रेणी के स्थानांतरण भी बंद कर दिए गए हैं।
शिक्षक संघ ने मांग की कि जनपद चमोली सहित पूरे प्रदेश में प्राथमिकता के आधार पर सभी शिक्षकों के स्थानांतरण किए जाएं और अटैचमेंट व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि नियमविरुद्ध अटैचमेंट समाप्त नहीं किए गए तो प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देशानुसार शिक्षक हित में आंदोलन सहित आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
