भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव ने दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर उठाए सवाल
अजय कुमार की भूमिका की भी जांच की मांग
गोपेश्वर (चमोली)। भाकपा (माले) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच के बीच भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे उसके माता-पिता और उत्तराखंड की जनता के सामने यह गंभीर सवाल है कि मामले में जिन लोगों के नाम आरोपों के तौर पर सामने आए हैं, उन्हें जांच का सामना करने देने के बजाय महत्वपूर्ण पदों पर क्यों नियुक्त किया जा रहा है।
मैखुरी ने सवाल उठाया कि क्या बेटी बचाओ के नारे का यही नया प्रयोग है? उनका कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों का जवाब जांच के जरिये सामने आना चाहिए। उन्होंने दुष्यंत कुमार गौतम और भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री अजय कुमार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दिसंबर 2025 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर नए सवाल उठे थे। इस ऑडियो के संदर्भ में दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार के नाम भी उछाले गए। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता जांच का विषय है और संबंधित व्यक्तियों की दोषसिद्धि नहीं हुई है।
मैखुरी का सवाल है कि जब इस प्रकरण में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है, तो भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संबंधित व्यक्तियों से पहले जांच का सामना करने की अपेक्षा क्यों नहीं करनी चाहिए थी? उन्होंने मांग की कि सीबीआई जांच के दायरे में मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक तथ्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की निष्पक्ष पड़ताल की जाए।
राज्यपाल नियुक्ति पर भी सवाल
दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले पर मैखुरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस नियुक्ति से जांच और जवाबदेही को लेकर संदेह पैदा होते हैं। उन्होंने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का निष्पक्ष जांच के जरिये जवाब सामने लाया जाए। उनका कहना है कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। मैखुरी ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से इस फैसले पर पुनर्विचार करने तथा दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जरूरी है कि मामले में उठ रहे सवालों का जवाब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच और साक्ष्यों के आधार पर सामने आए।
