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कर्णप्रयाग (चमोली)। गौचर से शिक्षा ग्रहण करनें वाले मेधावी छात्र अभिषेक राणा मिनिस्ट्री ऑफ इलैक्ट्रोंनिक्स एवं अनुसंधान संस्थान भारत सरकार चेन्नई में वैज्ञानिक चयन हुआ है।

उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर गौचर से अपनी बुनियादी शिक्षा ग्रहण की और यहां से पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण करनें के बाद केंद्रीय विद्यालय गौचर से साइंस वर्ग से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्हें घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कालेज पौड़ी में बीटैक में प्रवेश मिला। बीटैक करनें के बाद अभिषेक राणा को रेलवे सिग्नल कोर में नौकरी मिली। रेलवे में तीन साल तक इंजीनियर रहने के बाद उन्हें कोल इंडिया विलासपुर में नौकरी मिली। जहां कुछ महीनों की नौकरी करने के बाद अभिषेक को आईआईटी बनारस में एमटैक माइक्रो इलैक्ट्रोंनिक्स में ज्वाइनिंग मिली और वर्तमान में वह एमटैक माइक्रो इलैक्ट्रोंनिक्स द्वितीय वर्ष के अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं। लिखित परीक्षा पास करने के बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलैक्ट्रोनिकी एवं अनुसंधान संस्थान भारत सरकार की सैलैक्शन कमेटी की ओर से उनका चयन वैज्ञानिक पद पर किया गया। चयनित किए गए सामान्य वर्ग के सात वैज्ञानिकों में अभिषेक राणा का चयन पहले स्थान पर हुआ है। अभिषेक राणा मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के बीना गांव के रहनें वाले हैं और उनका परिवार गांव के साथ ही गौचर में भी रहता है। अभिषेक के पिता लक्ष्मण सिंह राणा राइका रुद्रप्रयाग से बतौर वाणिज्य विषय के सेवानिवृत्त अध्यापक हैं और माता मनोरमा राणा जूनियर हाईस्कूल मदोला रुद्रप्रयाग में शिक्षिका कार्यरत हैं। अभिषेक राणा बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी इस कामयाबी से चमोली और रुद्रप्रयाग जिले सहित पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। जिससे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके माता-पिता, परिजनों, शिक्षकों और सहपाठियों नें उनकी कामयाबी पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है।

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By admin

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