गोपेश्वर (चमोली)। शिक्षण को तकनीक से जोड़ने और शिक्षकों के प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में आयोजित पांच दिवसीय आधारभूत कंप्यूटर प्रशिक्षण संपन्न हुआ। 13 से 17 अक्टूबर तक चले प्रशिक्षण में चार विकासखंडों के 20 शिक्षकों ने प्रतिभाग कर कंप्यूटर, डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग की जानकारी हासिल की।
डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत ने प्रशिक्षण के समापन पर कहा कि कंप्यूटर का ज्ञान शिक्षकों की शिक्षण शैली को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही विभागीय और प्रशासनिक कार्यों को सरल बना सकता है। उन्होंने शिक्षकों को स्वाध्याय, स्वअनुशासन, समय प्रबंधन, स्वप्रेम और नशामुक्ति का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम समन्वयक सुमन भट्ट ने कहा कि तकनीकी दौर में शिक्षकों के लिए कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक है। इसके माध्यम से पाठ्य सामग्री को वीडियो, चित्रों और एनिमेशन के जरिए रोचक बनाया जा सकता है। डिजिटल प्रेजेंटेशन, पाठ योजना निर्माण, रिकॉर्ड प्रबंधन और अभिभावकों के साथ संवाद में भी तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य संदर्भदाता दिनेश बधानी ने शिक्षण में आईसीटी के अनुप्रयोग, कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, माइक्रोसॉफ्ट पेंट, वर्ड, एक्सेल, ई-मेल, आईएफएमएस और स्मार्ट बोर्ड के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया। संदर्भदाता आलोक रंजन नेगी ने पावरपॉइंट, विभागीय वेबसाइटों, गूगल शीट, दस्तावेजों को पीडीएफ में बदलने, मोबाइल को स्मार्ट बोर्ड से जोड़ने और व्हाट्सएप वेब के उपयोग की जानकारी दी।
इस अवसर पर डायट के संकाय सदस्य कमलेश कुमार, गजपाल राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
