- रैतोली में स्वच्छता की मुहिम बनी जनभागीदारी की मिसाल
- महिलाओं को सफाई करते देख ग्रामीण भी जुड़ते गए
गोपेश्वर (चमोली)। गांव को स्वच्छ रखने के लिए किसी आदेश का इंतजार नहीं, बस पहल की जरूरत है। बंड क्षेत्र के रैतोली गांव की महिलाओं ने शुक्रवार को इसी सोच के साथ स्वच्छता की कमान संभाली तो देखते ही देखते पूरा कारवां तैयार हो गया। महिलाओं को सफाई में जुटा देख ग्रामीण भी आगे आए और अभियान में हाथ बंटाने लगे। देखते ही देखते गांव के सार्वजनिक स्थल, प्राकृतिक पेयजल स्रोत और संपर्क पैदल रास्ते स्वच्छता अभियान के दायरे में आ गए।
महिलाओं ने श्रमदान कर प्राकृतिक पेयजल स्रोतों के आसपास जमा गंदगी और पैदल रास्तों पर उगी झाड़ियों को हटाया। जगह-जगह बिखरे कूड़े को एकत्र कर उसका निस्तारण किया गया। लंबे समय से झाड़ियों और कूड़े से प्रभावित रास्तों की सफाई होने से ग्रामीणों को आवाजाही में भी सहूलियत हुई।
अभियान की खास बात यह रही कि महिलाओं की पहल सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ग्रामीणों को सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। महिलाओं ने कहा कि गांव की सफाई किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। सभी के सहयोग से ही गांव को स्वच्छ और सुंदर रखा जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि यह अभियान एक दिन का नहीं है और समय-समय पर श्रमदान कर स्वच्छता अभियान जारी रखा जाएगा।
महिलाओं की इस पहल ने रैतोली में सामूहिक श्रमदान की परंपरा को भी नई ऊर्जा दी। जिस अभियान की शुरुआत कुछ महिलाओं ने की थी, उसमें बाद में ग्रामीण भी शामिल होते गए। इससे गांव में स्वच्छता को लेकर सामूहिक भागीदारी और जिम्मेदारी का संदेश गया।
इस दौरान ग्राम प्रधान आशा देवी, सरस्वती देवी, शबीना देवी, कलावती देवी, रंजना देवी, लक्ष्मी देवी, चंद्रकला देवी, भावना देवी, पूजा देवी, सरोजनी, हिमानी, राजी देवी, लक्की, पूनम, भुवना देवी, प्रेमा देवी, सतेश्वरी देवी, मुन्नी देवी, सुलोचना, सरिता देवी, अक्षिता, अर्पणा, सावित्री देवी, पुष्पा और पवित्रा देवी समेत अन्य महिलाएं मौजूद रही।
