26 एसटीपी की एक साथ होगी सैंपलिंग,
कूड़ा फैलाने वालों पर बढ़ेगी चालानी कार्रवाई
गोपेश्वर (चमोली)। गंगा और उसकी सहायक नदियों में कूड़ा, सीवेज और सेप्टेज डालने वालों पर अब प्रशासन की नजर रहेगी। सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने ठोस अपशिष्ट और सीवरेज प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
सीडीओ ने कूड़ा पृथक्करण और नियमित उठान व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई बढ़ाने के साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर चिह्नित करने को कहा गया। इनके कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। गंगा ग्रामों में अनिवार्य रूप से कूड़ा संग्रहण कराने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि गंगा या उसकी सहायक नदियों में ठोस कचरा, सीवेज और सेप्टेज सीधे न पहुंचे। हेमकुंड क्षेत्र में सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं माणा और बामणी गांवों के लिए डीपीआर तैयार करने की कंसल्टेंसी प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया।
चमोली जिले में संचालित सभी 26 एसटीपी की एक ही दिन सैंपलिंग कराई जाएगी। इनमें 16 सरकारी और 10 निजी एसटीपी शामिल हैं। सीडीओ ने संबंधित एजेंसियों और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ संयुक्त रूप से नमूने लेने के निर्देश दिए, ताकि एसटीपी के संचालन और उपचारित पानी की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
बैठक में बताया गया कि अगस्त में जिले के 11 नगर निकायों से 660 टन ठोस कचरे का निस्तारण किया गया। इसमें 330 टन सूखा और 329 टन गीला कचरा शामिल है। 68 वार्डों में 24,594 घरों और प्रतिष्ठानों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। गीले कचरे के प्रसंस्करण से 25,450 रुपये की आय भी हुई।
इस दौरान एसडीओ वन विकास सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
