खबर को सुनें

खेती पहले ही जंगली जानवरों की भेंट, अब पशुधन पर भालू का हमला; मुआवजे के लिए भटक रहे ग्रामीण

ज्योतिर्मठ(चमोली)। ज्योतिर्मठ ब्लॉक के लांजी गांव में भालू का आतंक ग्रामीणों की जान के साथ उनकी आजीविका पर भी भारी पड़ रहा है। खेती जंगली जानवरों के कारण छूट रही है और अब पशुधन भी सुरक्षित नहीं है। हाल ही में भालू ने गौशाला की छत फाड़कर अंदर बंधे बैल को मार डाला। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत है और उन्होंने रात में गश्त बढ़ाने के साथ पशुधन के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।

हालिया घटना में भालू ने मुकेश सिंह भंडारी की गौशाला की छत तोड़कर बैल को अपना निवाला बना लिया। ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में भी भालू दरमान सिंह और पूरण सिंह की गौशालाओं को फाड़कर गाय और बछिया को मार चुका है।

इन घटनाओं के बाद वन विभाग के बीट अधिकारी और वन पंचायत सरपंच की मौजूदगी में संयुक्त जांच भी की गई थी, लेकिन पीड़ित ग्रामीणों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों से फसल और पशुधन दोनों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पहाड़ में रहकर गुजर-बसर करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोड़ा ने बताया कि पीड़ित पशुपालक को जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा। ग्रामीणों ने गांव में रात्रि गश्त बढ़ाने और भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

नगर में भी दस्तक से दहशत

भालुओं की आवाजाही अब सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। जोशीमठ नगर के विभिन्न वार्डों में भी भालू दस्तक दे रहे हैं। इससे लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीण और नगरवासी अंधेरा होते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। एक ओर खेत खाली हो रहे हैं, दूसरी ओर बचा हुआ पशुधन भी सुरक्षित नहीं—ऐसे में भालू का आतंक पहाड़ की आजीविका के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

By admin

Leave a Reply

error: Content is protected !!