गोपेश्वर (चमोली)। जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता, सीवरेज, सेप्टेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में सहायक नदियों और नालों में प्लास्टिक अपशिष्ट रोकने तथा सीवेज के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि गंगा की मुख्य धारा तक पहुंचने से पहले ही सहायक नदियों, नालों और जलस्रोतों में प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट के प्रवाह को रोकने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी स्थिति में बिना शोधन के सीवेज को नदियों में प्रवाहित न करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने तथा नगर निकायों को स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने अधिक मात्रा में ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके स्तर पर प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू करने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नदी एवं जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीओ फॉरेस्ट जुगल किशोर, परियोजना निदेशक आनंद सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
