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गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हेमकुंड रोपवे समेत जिले की विभिन्न महत्त्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लिए लंबित भूमि हस्तांतरण मामलों में तेजी लाते हुए अधिकारियों से हेमकुंड रोपवे परियोजना का फील्ड सर्वे हर हाल में सितम्बर तक पूरा करने को कहा ताकि शीतकाल शुरू होने से पहले आवश्यक कार्य पूरे कर परियोजना को गति दी जा सके।

बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने पिटकुल, हेमकुंड रोपवे, बीआरओ, एनएचआईडीसीएल, यूएसडीए और लोक निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हेमकुंड रोपवे परियोजना का लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे पूरा हो चुका है तथा गोविंदघाट से घांघरिया तक रोपवे का अलाइनमेंट भी तैयार कर लिया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

डीएम ने निर्देश दिए कि परियोजना का फील्ड सर्वे सितंबर तक पूरा कर लिया जाए ताकि प्रतिकूल मौसम शुरू होने से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो सकें।

पिटकुल से जुड़े भूमि हस्तांतरण मामलों की समीक्षा के दौरान डीएम ने हाटसारी क्षेत्र के लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए टीएचडीसी और पिटकुल की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। वहीं नंदप्रयाग से संबंधित भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव दस दिन के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।

बैठक में बीआरओ की सिमली-ग्वालदम, जोशीमठ-मारवाड़ी, माणा पास, जोशीमठ-सुरईकोटा और कुरकुटी-गमशाली सहित अन्य सड़क परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मुआवजा निर्धारण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। जिससे सामरिक और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में देरी न हो। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ भूमि अभिलेख, सीमांकन, स्वामित्व संबंधी औपचारिकताओं और अन्य लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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