गोपेश्वर (चमोली)। हरेला महोत्सव चमोली जिले में धूमधाम से मनाया गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर पौध रोपण कर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने पौध रोप कर अभियान की शुरूआत की।
चमोली जिले में हर गांव का यही पैगाम, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण अभियान का शुभारंभ हुआ। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित पॉलिटेक्निक परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अनार का पौधा रोपकर अभियान की शुरुआत की और पौधों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
डीएम कहा कि हरेला पर्व के अवसर पर विभिन्न विभागों और जनसहभागिता के माध्यम से जिले में 85 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को पौधों की जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए नियमित निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के होंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता को बढ़ावा देने और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक खाद्य संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फलदार पौधों के रोपण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील भी की।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार, परियोजना निदेशक आनंद कुमार आदि मौजूद रहे।
इधर, संकल्प अभियान के तहत राइका बैरागना में संयोजक मनोज तिवारी के नेतृत्व में स्कूली बच्चों ने पौध रोपित किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र फरस्वाण ने सभी से पौधों को संरक्षित करने की अपील की। डायट गौचर में प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी के नेतृत्व में संस्थान के शिक्षकों व कर्मचारियों ने पौधरोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। महाविद्यालय कर्णप्रयाग में संगम वाटिका में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ ही महाविद्यालय के प्राचार्य डा. राम अवतार सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने फलदार पौधों का रोपण किया। इस मौके पर प्राचार्य में सभी को पौधों को संरक्षित रखने की शपथ दिलाई।
