नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन में अनियमितताओं का लगाया आरोप
देहरादून। नीट परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के विरोध में गांधी पार्क, देहरादून में सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं ने देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि इन घटनाओं से युवाओं में निराशा बढ़ी है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों के दौरान नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और गड़बड़ियों के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, लेकिन शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना था कि जब युवा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, तब केवल अधिकारियों के तबादले कर मामले को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है।
वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इससे 12वीं कक्षा के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी ऐसी कंपनियों को सौंपी गई, जिन पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा दें। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए तथा अनियमितताओं में शामिल कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
विरोध प्रदर्शन में मोहित डिमरी, कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पॉल, तुषार, हरेंद्र कनेरी, सूरज नेगी, पंकज उनियाल, मुकेश बहुगुणा, ललित श्रीवास्तव, स्मृति नेगी, सर्वेश सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और युवा मौजूद रहे।
