गोपेश्वर (चमोली)। भारत-तिब्बत सीमा से सटी नीती घाटी तीन दिनों तक साहसिक खेलों, रोमांच और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बनी रही। 31 मई से 2 जून तक आयोजित नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के अंतिम दिन मंगलवार को गमसाली से मलारी के बीच आयोजित 30 किमी एमटीबी चैलेंज ने प्रतिभागियों के साहस, सहनशक्ति और जुनून की शानदार मिसाल पेश की। दुर्गम पहाड़ी मार्गों, चुनौतीपूर्ण ट्रैकों और हिमालयी वादियों के बीच आयोजित प्रतियोगिता में देशभर से पहुंचे प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
एमटीवी चैलेंज प्रतियोगिता के पुरूष वर्ग की 30 किमी साइकिलिंग में खरिकसिंग अडॉनिस तांगपू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। सूरज राणा मगर दूसरे और प्रकाश थापा मगर तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में अवनी डरियाल ने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया, जबकि संध्या मौर्या दूसरे और इंद्रा कुमारी तमांग तीसरे स्थान पर रहीं। पुरूष वर्ग की 15 किमी एमटीबी चैलेंज में प्रज्जवल चैहान ने पहला स्थान प्राप्त किया। इशांत सिंह अधिकारी दूसरे और अश्विन रौथान तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में प्रिया ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
पर्यटन विभाग की ओर से भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना तथा युवाओं को फिटनेस और साहसिक खेलों के प्रति प्रेरित करना रहा।
इस दौरान नीती घाटी खेल, रोमांच, संस्कृति और पर्यटन का जीवंत केंद्र बनी रही। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, भारतीय सेना, आईटीबीपी, चिकित्सा विभाग, पर्यटन विभाग और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन ने एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की सीमांत घाटियां केवल प्राकृतिक सौंदर्य ही नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन और खेल गतिविधियों के लिए भी अपार संभावनाएं रखती हैं। यह आयोजन भविष्य में नीती घाटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
