गोपेश्वर(चमोली)। भाजपा, कांग्रेस तथा उक्रांद की चुनावी तैयारियों को देखते हुए यही लगता है कि उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने चुनावी विगुल फूक दिया है। इस तरह की तैयारियों के चलते इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में आगामी साल से पहले इसी साल अक्टूबर अथवा नवंबर में चुनाव हो सकते हैं।
दरअसल उत्तराखंड में 23 मार्च 2027 को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इसके चलते पहले की भांति पिछले चुनावों की तरह फरवरी माह में चुनाव होने हैं। पर, 14 जनवरी 2027 से हरिद्वार अर्द्धकुंभ का आगाज होने के चलते चुनाव इसी साल हो सकते हैं। राजनीतिक दलों की तैयारी से इस बात के संकेत भी मिल रहे हैं। वैसे सत्तारूढ़ भाजपा तो विधानसभा चुनाव की तैयारी में पहले से ही जुट गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी में आयोजित सभाओं के जरिए मार्च माह में ही चुनावी तैयारियों का विगुल फूंक दिया था। इसके बाद हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में एक्सप्रेस हाइवे का उद्घाटन कर चुनावी तैयारियों को और भी हवा दे दी थी। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी तीन दिन देहरादून में संगठनात्मक गतिविधियों में प्रतिभाग कर इस बात के संकेत दे गए हैं कि राज्य में समय पूर्व चुनाव होने तय हैं। उन्होंने मंत्रियों से लेकर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को क्रिटिकल बूथों को मैनेज करने के टिप्स देकर चुनावी तैयारियों का एक तरह से आगाज कर डाला। किसी राष्ट्रीय अध्यक्ष का तीन दिवसीय देहरादून प्रवास इस बात को पुख्ता करता है कि राज्य में चुनाव निर्धारित समय से पहले ही होने तय हैं। इसी के चलते चुनाव आयोग भी एसआईआर को लेकर काफी सक्रिय हो चला है। मतदाता सूची 15 सितम्बर तक तैयार हो जाएगी। कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग भी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार बैठा है।
भाजपा की इस तरह की चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस के भी कान खडे़ हो गए हैं। अब कांग्रेस के दिग्गज व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी 4 व 5 जून को अल्मोडा, पौड़ी तथा देहरादून के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान अल्मोडा में जनसभा होने जा रही है तो पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन तय किया गया है। देहरादून में प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों, महिला, युवा, एनएसयूआई, सेवादल तथा अन्य विभिन्न प्रकोष्ठों के साथ भी राहुल गांधी चुनावी तैयारियों को लेकर मंथन करेंगे। राहुल गांधी चार साल बाद उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे है। वैसे उत्तराखंड क्रांति दल भी इस बार चुनावी तैयारियों में जोर शोर से जुटा हुआ है। बसपा भी कार्यकर्ताओं से संवाद की मुहिम में जुटी हुई है। आम आदमी पार्टी भी कार्यकर्ताओं को वार्मअप करने में लगी है। कहा जा सकता है कि सभी दल अब चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
वैसे भी वर्ष 2027 में हरिद्वार अर्द्धकुंभ होने जा रहा है तो पूरा सरकारी अमला अर्द्धकुंभ में जुटा रहेगा। ऐसे में फरवरी माह में उत्तराखंड में चुनाव कराना आसान भी नहीं है। इसके चलते अक्टूबर अथवा नवंबर को चुनाव के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। ऐसा इसलिए भी कि अक्टूबर अथवा नवंबर में चारधाम यात्रा भी सिमट कर रह जाएगी। इसके बाद सरकारी अमले को चुनाव में झोंकने में दिक्कतें भी नहीं आएंगी। राज्य में मुख्यतया भाजपा तथा कांग्रेस के विधायक और पूर्व विधायक तो मौजूदा दौर में चुनावी तैयारियों के तहत शहरों से लेकर गांवों तक की दौड़ भाग में जुटे देखे जा रहे हैं। संभावित दावेदारों ने भी इस बीच तैयारियां तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तो चुनाव को लेकर राज्य के दूरस्थ इलाकों के दौरों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आम लोगों की तमाम मांगों को हाथो हाथ निपटाया जा रहा है। यह स्थिति दर्शा रही है कि सीएम चुनावी मोड़ में आकर हैट्रिक लगाने के लिए खासा पसीना बहा रहे हैं। वैसे भी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टिहरी के एक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने को लेकर अपनी सहमति दे चुके हैं। पीएम के यकायक दौरों से विपक्षियों के कान खड़े होते जा रहे हैं। साफ है कि समय से पूर्व चुनाव का एक तरह से शंखनाद हो गया है। अब देखना यह है कि चुनाव तय समय पर होते हैं अथवा तय समय से पूर्व। इस पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरे पूरी तरह टिक गई है।
