गोपेश्वर (चमोली)। उच्च हिमालय में स्थित चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात रूद्रनाथ मंदिर में अब एक दिन में 250 तीर्थयात्रियों को ही दर्शन की अनुमति होगी। इसके लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
दरअसल 18 मई रूद्रनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का रूद्रनाथ में जमावडा लगने लगा है। सैंचुरी एरिया में स्थित होने के कारण रूद्रनाथ यात्रा मार्ग पर रहने खाने की व्यवस्था भी सीमित ही है। यही नहीं रूद्रनाथ मंदिर परिक्षेत्र में आवासीय व्यवस्था का अभाव होने के चलते तीर्थयात्रियों को मुश्किलों के बीच रात गुजारनी पड़ रही है। यात्रा के गंगोलगांव, सगर तथा ग्वाड गांव में स्थित पड़ावों में तीर्थयात्रियों का जमावडा तो लगा ही है अपितु देश-विदेश के पर्यटक भी इस बार रूद्रनाथ भगवान के दर्शनों को खिंचे चले आ रहे हैं। इस तरह के हालातों में अब तक की बनाई गई सीमित व्यवस्था को चरमरा दिया है।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने रूद्रनाथ यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा को देखते हुए यात्रा को सीमित करने के निर्देश जारी कर दिए है। इसके तहत एक दिन में 250 तीर्थयात्री अथवा पर्यटक ही रूद्रनाथ की यात्रा पर जा सकेंगे। हालांकि मंदिर के पुजारी ने भी तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित करने पर जोर दिया था। वन विभाग के माध्यम से पास जारी हो रहे हैं। इसके बावजूद तमाम तीर्थयात्री जंगलों के रास्ते वन कर्मियों को चकमा देकर रूद्रनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। इससे व्यवस्था गड़बडा तो रही ही है अपितु तीर्थयात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसी अनहोनी की आशंका अलग से बनी हुई है। अब डीएम की ओर से एसओपी जारी होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में तीर्थयात्रियों अथवा पर्यटकों का दबाव भी कम होगा और व्यवस्थाएं भी पटरी पर लौट आएंगी।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने डीएम द्वारा जारी एसओपी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों अथवा पर्यटकों की बढ़ती संख्या के चलते इस आशय की एसओपी जारी हुई है। ईको विकास समिति गंगोल गांव के अध्यक्ष राम सिंह राणा ने कहा कि चूंकि रूद्रनाथ मंदिर दर्शन को यही समय अनुकूल होता और यात्रियों का जमावडा भी लगता है। इसलिए संख्या को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संख्या में बढोत्तरी की जानी चाहिए।
