गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने पर जोर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर की गई समीक्षा बैठक में जिले में कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, डम्प साइट प्रबंधन, कम्पैक्टर संचालन एवं स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने को कहा। उन्होंने परियोजना निदेशक को एक विशेष प्रकोष्ठ गठित कर नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी कर बल्क वेस्ट जनरेटर्स नियमों की अवहेलना किए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। आवश्यकता पड़ने पर बड़े होटलों एवं संस्थानों के जल एवं विद्युत संयोजन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी।
डीएम ने कहा कि गठित प्रकोष्ठ जिले की सभी डम्प साइट्स का पाक्षिक निरीक्षण करेगा तथा निरीक्षण रिपोर्ट फोटो समेत जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएगा। उन्होंने जिला पंचायत को कूड़ा निस्तारण के लिए लगाए गए कम्पैक्टर मशीनों की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिले में स्थापित 9 कम्पैक्टरों को जल्द संचालित करने को कहा। वन विभाग के अधिकारियों से वन क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कूड़ा निस्तारण के लिए अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता पर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को डम्पसाइट शून्य बनाया जाए तथा लीगेसी वेस्ट का पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक वार्ड में सुगम स्थानों पर रीड्यूस-रीयूज -रिसायकल केन्द्र स्थापित किए जाएं, ताकि अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा सके।
इस दौरान परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, जिला पंचायत के कार्य अधिकारी हर्ष गुप्ता, एसडीओ विकास दरमोड़ा, केदारनाथ वन प्रभाग के एसडीओ मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।

