गोपेश्वर (चमोली)। शासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से भराड़ीसैण में मुलाकात कर समस्याओं के निस्तारण की गुहार लगाई। कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल के नेतृत्व में शासकीय सहायता प्राप्त जूनियर-माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के संयुक्त संगठन ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रांतीयकरण चाहने वाले विद्यालयों का प्रांतीयकरण कर दिया जाना चाहिए। रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति प्रारंभ करने, वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान में सम्मिलित किए जाने की मांग भी उठाई गई। पद सृजन चाहने वाले विद्यालयों में पद सृजित किए जाने, अशासकीय विद्यालयों को समग्र शिक्षा, जिला योजना तथा राज्य योजना से पोषित करने की भी मांग की गई। वर्ष 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों के सापेक्ष नियुक्त शिक्षक तथा कर्मचारियों को पुरानी जीपीएफ पेंशन से आच्छादित करने और पीटीए के तहत नियुक्त सभी शिक्षकों को अंशकालिक तथा अंशकालिक शिक्षकों का नियमितीकरण करने आग्रह किया गया। पीटीए शिक्षकों का मानदेय राजकीय अतिथि शिक्षकों की भांति प्रदान करने, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में सृजित चतुर्थ श्रेणी के आउटसोर्सिंग पदों पर राजकीय विद्यालयों की भांति नियुक्ति प्रारंभ करने, अशासकीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्यों को भी पूर्व की भांति चयन व प्रोन्नत वेतनमान की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक तथा कार्मिकों को ग्लोबल बजट की व्यवस्था प्रदान करने की भी मांग की गई।
इस दौरान प्रबंधक बलवंत सिंह रावत, विनोद सिंह नेगी प्रधानाचार्य पीएस फरस्वाण, बीएस नेगी, अशासकीय शिक्षक संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, जिला मंत्री दीपचंद सती, मंडलीय संगठन मंत्री आशीष देवली, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष दिनेश पंवार तथा संगठन मंत्री वीरेंद्र भारती शामिल रहे।

